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Feel My Words: Dear ज़िन्दगी !
Dear ज़िन्दगी ! बहुत दिन हुआ तुझसे बिछड़े हुए ... यार कोई आईंना लाओं, देखना है कितना बदला हूँ मैं ।। यादों कि किचड़ में रोज उतरता ह...
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क्यों अँधेरे से इतनी मोहब्बत और उजाले से दोस्ती भी गवारा नहीं अब । क्या ढुढ़ता हूँ मै अँधेरें में मालूम नहीं , क्यों रोशनी आँखों...
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जी चाहता है... क्यों गुजर जाते है पल , क्यों लौटकर नहीं आते सदियां वो कल। क्यों किसी के वस्ती में ठहर जानें को जी चाहता है। ...
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तुम दिखती हो । भुला चुका हूँ तुम्हें अपनी यादों से , अपने वादों से । निकालकर फेक चुका हूँ तुम्हें ख्यालों के पन्नों से , ख़्वाबों के ...

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